अमेरिका की आउटसोर्सिंग और AI सर्विस कंपनी इनोडाटा की भारतीय इकाई में बड़े पैमाने पर छंटनी की खबर सामने आई है। कंपनी के कर्मचारियों का दावा है कि अचानक करीब 90 फीसदी स्टाफ को नौकरी से निकाल दिया गया। इस घटनाक्रम ने आईटी और टेक सेक्टर में काम करने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है। हालांकि, छंटनी के सटीक आंकड़ों की कंपनी की ओर से अब तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

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एक पूर्व कर्मचारी ने दावा किया कि इनोडाटा इंडिया में करीब 1,000 से 1,200 लोग काम करते थे। इनमें से लगभग 90 फीसदी कर्मचारियों की नौकरी चली गई। कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी का बड़ा काम फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा से जुड़ा था। मेटा की ओर से काम कम किए जाने के बाद कंपनी के पास कर्मचारियों को देने के लिए पर्याप्त असाइनमेंट नहीं बचे। हालांकि, मेटा द्वारा प्रोजेक्ट वापस लेने के दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

कर्मचारियों के मुताबिक, 26 अक्टूबर को उन्हें अचानक HR मीटिंग में बुलाया गया। इसके बाद कई लोगों के लैपटॉप, ऑफिस आईडी और दूसरे कामकाजी सिस्टम का एक्सेस बंद कर दिया गया। कुछ कर्मचारियों को टर्मिनेशन ईमेल उनके निजी ईमेल अकाउंट पर मिले।

एक कर्मचारी ने दावा किया कि प्रभावित लोगों को सेटलमेंट पैकेज के तौर पर चार महीने की सैलरी देने की बात कही गई है। हालांकि, इसमें नोटिस पे और अन्य बकाया राशि शामिल है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।

रिपोर्ट के मुताबिक, छंटनी का असर भारत के अलावा फिलीपींस में भी पड़ा है। इनोडाटा और मेटा से इस मामले पर जवाब मांगा गया है। कंपनी की आधिकारिक प्रतिक्रिया आने के बाद छंटनी की वास्तविक संख्या और वजह स्पष्ट हो सकेगी।