अमेरिका में मिड-टर्म चुनाव से पहले कैलिफोर्निया में वोटिंग को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के न्याय विभाग ने राज्य में 20 हजार से ज्यादा ऐसे मतदाताओं की पहचान करने का दावा किया है, जिनके गैर-अमेरिकी नागरिक होने का संदेह है. अमेरिकी कानून के तहत गैर-नागरिकों को संघीय चुनाव में मतदान करने की अनुमति नहीं है. हालांकि, इन सभी लोगों के फर्जी वोट डालने की पुष्टि नहीं हुई है.

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न्याय विभाग ने कैलिफोर्निया के अधिकारियों से इन मतदाताओं से जुड़े मेल बैलेट अलग रखने और उनकी नागरिकता की जांच होने तक वोटों की गिनती रोकने की मांग की थी. इसके बाद विभाग ने राज्य के खिलाफ मुकदमा भी दायर किया. प्रशासन का तर्क है कि गैर-नागरिकों के वोट गिने जाने से अमेरिकी नागरिकों के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं.

हालांकि, कैलिफोर्निया ने न्याय विभाग की सूची की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए. राज्य के अधिकारियों का कहना है कि सूची में गलत जानकारी और ऐसे लोगों के नाम भी शामिल हो सकते हैं, जो अमेरिकी नागरिक हैं या जिनका मतदाता पंजीकरण सक्रिय नहीं है.

इस मामले में अमेरिकी अदालत ने ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका दिया. संघीय न्यायाधीश डेविड कार्टर ने 28 अक्टूबर को 20 हजार से ज्यादा मतपत्र अलग रखने की मांग खारिज कर दी. अदालत ने कहा कि इस कदम से वैध मतदाताओं के मतदान अधिकार प्रभावित हो सकते हैं और चुनाव प्रक्रिया में भारी अव्यवस्था पैदा हो सकती है.

इस फैसले के बाद कैलिफोर्निया में चुनावी प्रक्रिया पहले की तरह जारी रहने का रास्ता साफ हुआ. न्याय विभाग ने फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना भी जताई है.