NASA का Swift स्पेस टेलीस्कोप करीब 22 साल तक अंतरिक्ष में रहकर ब्रह्मांड की रहस्यमयी घटनाओं का अध्ययन करता रहा। 4 नवंबर 2026 को इसने पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश किया और इसके साथ ही NASA के इस महत्वपूर्ण मिशन का अंत हो गया।

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Swift टेलीस्कोप को 20 नवंबर 2004 को लॉन्च किया गया था। इसे शुरुआत में केवल दो साल के मिशन के लिए तैयार किया गया था, लेकिन इसने लगभग 22 साल तक काम किया। इसका मुख्य उद्देश्य गामा-रे बर्स्ट यानी ब्रह्मांड में होने वाले बेहद शक्तिशाली ऊर्जा विस्फोटों का अध्ययन करना था। इसके अलावा इसने सुपरनोवा, ब्लैक होल और अन्य खगोलीय घटनाओं को समझने में वैज्ञानिकों की मदद की।

टेलीस्कोप की कक्षा लगातार नीचे गिर रही थी। हाल के वर्षों में सूर्य की बढ़ती गतिविधियों के कारण पृथ्वी का ऊपरी वायुमंडल फैल गया, जिससे अंतरिक्ष यान पर वायुमंडलीय घर्षण बढ़ने लगा। Swift के पास अपनी कक्षा को ऊंचा करने के लिए जरूरी प्रणोदन प्रणाली नहीं थी।

इसे बचाने के लिए NASA ने निजी कंपनी Katalyst Space के साथ एक रेस्क्यू मिशन की योजना बनाई थी। जुलाई 2026 में LINK नाम का अंतरिक्ष यान लॉन्च किया गया, जिसका उद्देश्य Swift को पकड़कर उसकी कक्षा ऊंची करना था। हालांकि, LINK में नियंत्रण संबंधी समस्या आने के कारण यह मिशन सफल नहीं हो सका।

NASA के अनुसार, पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश के दौरान टेलीस्कोप का अधिकांश हिस्सा जलने की उम्मीद थी। कुछ हिस्से जमीन तक पहुंच सकते थे, लेकिन किसी नुकसान या चोट की तत्काल रिपोर्ट सामने नहीं आई।

Swift ने अपने लंबे मिशन के दौरान गामा-रे बर्स्ट और ब्रह्मांडीय विस्फोटों के अध्ययन में अहम योगदान दिया। इसने वैज्ञानिकों को दूर स्थित आकाशगंगाओं और ब्लैक होल से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। 22 साल तक लगातार काम करने के बाद इसका अंतरिक्ष सफर आखिरकार समाप्त हो गया।