अरुणाचल प्रदेश में बादल फटने की घटना में लापता हुए अलवर के अग्निवीर समुद्र सिंह गुर्जर शहीद हो गए हैं. करीब 80 दिनों तक चले तलाशी अभियान के बाद उनका पार्थिव शरीर बरामद किया गया. DNA टेस्ट के जरिए उनकी पहचान की पुष्टि हुई. समुद्र सिंह के शहीद होने की खबर से राजस्थान के अलवर जिले के केसरपुर गांव में शोक का माहौल है.

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14 अगस्त को अरुणाचल प्रदेश के दिबांग वैली जिले में बादल फटने के बाद अचानक बाढ़ और भूस्खलन हुआ था. इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में सेना के सात जवान आ गए थे. इनमें से दो जवानों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि समुद्र सिंह समेत पांच जवान लापता हो गए थे. इसके बाद भारतीय सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने दुर्गम पहाड़ी इलाके में खोज अभियान शुरू किया.

लंबे समय तक चले तलाशी अभियान के बाद समुद्र सिंह का पार्थिव शरीर बरामद हुआ. DNA जांच के जरिए उनकी पहचान की गई. 2 नवंबर को असम के डिब्रूगढ़ में पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. इसके बाद उनकी अस्थियां परिजनों को सौंप दी गईं.

समुद्र सिंह अलवर जिले के केसरपुर गांव के रहने वाले थे. उनके दादा पलटूराम सेना में हवलदार रह चुके थे. दादा से प्रेरित होकर समुद्र ने भी सेना में भर्ती होने का सपना देखा था. वर्ष 2024 में अग्निवीर योजना के तहत उनका चयन भारतीय सेना में हुआ था.

समुद्र सिंह अपने परिवार के इकलौते बेटे और दो बहनों के भाई थे. उनके पिता खेती करते हैं. समुद्र ने रक्षाबंधन पर घर आने का वादा किया था और पिता के पैरों का इलाज कराने की बात भी कही थी. लेकिन अरुणाचल प्रदेश में हुई प्राकृतिक आपदा ने परिवार की खुशियां छीन लीं.

5 नवंबर को समुद्र सिंह की अस्थियां उनके पैतृक गांव केसरपुर पहुंचीं. गांव में परिजनों और ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी. उनके बलिदान को याद करते हुए लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.