NASA का स्विफ्ट ऑब्जरवेटरी करीब 22 साल तक अंतरिक्ष में काम करने के बाद अब धरती के वायुमंडल में प्रवेश करने वाला है। इस टेलिस्कोप का मिशन खत्म होने के साथ ही इसकी अंतरिक्ष यात्रा भी समाप्त हो जाएगी। अनुमान है कि 6 नवंबर 2026 के आसपास यह पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल हो सकता है। हालांकि, इसकी सटीक तारीख और जगह को लेकर अभी अनिश्चितता बनी हुई है।

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स्विफ्ट ऑब्जरवेटरी को साल 2004 में लॉन्च किया गया था। इसका मुख्य काम अंतरिक्ष में होने वाले गामा-रे विस्फोटों का पता लगाना और उनका अध्ययन करना था। इन विस्फोटों को ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली घटनाओं में गिना जाता है। इस टेलिस्कोप ने वैज्ञानिकों को दूर स्थित आकाशगंगाओं, ब्लैक होल और तारों से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाने में मदद की।

नासा ने टेलिस्कोप को बचाने के लिए एक रेस्क्यू मिशन की योजना भी बनाई थी। इसके तहत LINK नाम के अंतरिक्ष यान की मदद से स्विफ्ट की कक्षा को ऊपर उठाने की कोशिश की जानी थी। ऐसा होने पर टेलिस्कोप को कुछ और समय तक अंतरिक्ष में रखा जा सकता था। लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका।

स्विफ्ट के धरती पर लौटने की प्रक्रिया को लेकर वैज्ञानिक लगातार नजर बनाए हुए हैं। वायुमंडल में प्रवेश करते समय टेलिस्कोप का ज्यादातर हिस्सा तेज गर्मी के कारण जल जाएगा। हालांकि, इसके कुछ हिस्सों के बचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। नासा के लिए यह एक महत्वपूर्ण मिशन का अंत होगा, लेकिन स्विफ्ट से मिले वैज्ञानिक आंकड़े आने वाले वर्षों तक अंतरिक्ष के रहस्यों को समझने में मदद करते रहेंगे।