केंद्रीय सूचना आयोग (CIC) ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) को दिव्यांग छात्रों के लिए स्कूलों और कॉलेजों में जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने की सिफारिश की है। आयोग ने कहा है कि शिक्षण संस्थानों में रैंप, व्हीलचेयर, विशेष टॉयलेट और लिफ्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि दिव्यांग विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

AdvertisementThe Puranic

CIC की सूचना आयुक्त सुधा रानी रेलंगी ने दो अलग-अलग मामलों में सुनवाई के दौरान ये सिफारिशें कीं। उन्होंने सूचना का अधिकार (RTI) कानून, 2005 की धारा 25(5) का इस्तेमाल करते हुए UGC और CBSE को जरूरी कदम उठाने की सलाह दी।

ये मामले बिहार के शैक्षणिक संस्थानों में दिव्यांगों के लिए बुनियादी सुविधाओं की कमी से जुड़ी शिकायतों के बाद सामने आए। एक मामले में आवेदक ने बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में सुविधाओं की कमी को लेकर शिकायत की थी।

विश्वविद्यालय ने आयोग को बताया कि प्रशासनिक भवन और महत्वपूर्ण विभागों तक पहुंच के लिए रैंप बनाए गए हैं। दिव्यांग पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग टॉयलेट बनाने का काम भी जारी है। विश्वविद्यालय ने संबद्ध कॉलेजों को रैंप, हैंडरेल, लिफ्ट, व्हीलचेयर और सुविधाजनक लाइब्रेरी जैसी व्यवस्थाएं करने के निर्देश दिए हैं।

दूसरे मामले में CBSE से संबद्ध स्कूलों में दिव्यांग छात्रों के लिए सुविधाओं की जानकारी मांगी गई थी। आयोग ने CBSE को अपने दिशानिर्देशों के पालन की निगरानी के लिए व्यवस्था बनाने की सिफारिश की।

CIC ने कहा कि किसी भी पात्र दिव्यांग छात्र को जरूरी सुविधाओं और सहायता से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।