भारत-चीन सीमा पर अरुणाचल प्रदेश में सैनिकों के बीच जारी टकराव को लेकर विदेश मंत्रालय (MEA) ने सफाई दी है। मंत्रालय ने कहा है कि जब चीनी सैनिक पहले से तय गश्त के तरीकों से हटते हैं, तो भारत-चीन सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थिति समय-समय पर बिगड़ जाती है। यह बयान ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर की टिप्पणी के बाद आया है।

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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर बचे हुए मुद्दों को सुलझाने और गलतफहमी से बचने के लिए दोनों देश मौजूदा राजनयिक और सैन्य तंत्रों का इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि बेहतर सीमा प्रबंधन के लिए LAC की समझ को मजबूत करने पर दोनों पक्षों के बीच चर्चा हुई है।

MEA ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखने को भारत-चीन संबंधों के समग्र विकास के लिए जरूरी बताया। हालांकि, मंत्रालय ने टकराव से जुड़ी विशिष्ट जानकारी के लिए रक्षा मंत्रालय से संपर्क करने को कहा।

दरअसल, ITBP महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने राजस्थान के अलवर में एक कार्यक्रम के दौरान कहा था कि अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों पर चीनी सैनिकों के साथ फेस-ऑफ की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बताया कि ITBP के शौर्य कमांडो ने इन परिस्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उनके बयान के बाद कांग्रेस ने सरकार से सीमा की स्थिति पर जवाब मांगा था। पार्टी ने अरुणाचल प्रदेश में जारी टकराव को लेकर चिंता जताई और संसद में विस्तृत जानकारी देने की मांग की।