उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में 20 प्रतिशत आरक्षण देने का बड़ा फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश के पुलिस, वन, कारागार और परिवहन विभाग की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ मिलेगा। सरकार ने भर्ती नियमों में संशोधन को मंजूरी दे दी है।

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इस फैसले की खास बात यह है कि पूर्व अग्निवीरों को इन भर्तियों में लिखित और शारीरिक परीक्षा नहीं देनी होगी। उन्हें केवल मेडिकल परीक्षण से गुजरना होगा। इसके अलावा अधिकतम आयु सीमा में भी तीन साल की छूट दी गई है। पहले जहां अधिकतम उम्र 25 साल थी, वहीं अब पूर्व अग्निवीर 28 साल तक आवेदन कर सकेंगे।

सरकार के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य सेना में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद वापस आने वाले युवाओं को सरकारी नौकरी के बेहतर अवसर देना है। अग्निवीरों को सेना में प्रशिक्षण के दौरान अनुशासन, सुरक्षा और शारीरिक दक्षता का अनुभव मिलता है। इसी अनुभव का इस्तेमाल प्रदेश की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में किया जा सकेगा।

पूर्व अग्निवीरों को मिलने वाला 20 प्रतिशत आरक्षण क्षैतिज आरक्षण होगा। यानी उम्मीदवारों को उनकी मूल सामाजिक श्रेणी के अनुसार ही आरक्षण का लाभ मिलेगा। सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवार अपनी संबंधित श्रेणी में इस व्यवस्था का फायदा उठा सकेंगे।

योगी सरकार के इस फैसले से सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं के लिए उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी पाने की राह आसान होगी। भर्ती प्रक्रिया में परीक्षा से छूट और उम्र सीमा में राहत मिलने से उन्हें रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।