अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को बड़ा झटका लगा है. इस चुनावी नतीजे के बाद दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी देखने को मिली है. निवेशकों को उम्मीद है कि अमेरिकी कांग्रेस में विपक्ष की मजबूत मौजूदगी से ट्रंप की नीतियों पर अंकुश लग सकता है और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता कम हो सकती है. यही वजह है कि भारत, चीन समेत कई देशों के बाजारों में सकारात्मक माहौल देखने को मिला.

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अमेरिकी चुनाव के नतीजों का असर सबसे पहले वॉल स्ट्रीट पर दिखाई दिया. डाउ जोन्स, S&P 500 और नैस्डैक जैसे प्रमुख अमेरिकी इंडेक्स में तेजी दर्ज की गई. इसके बाद यूरोप और एशिया के बाजारों में भी निवेशकों का उत्साह बढ़ा. भारत के शेयर बाजार में भी शानदार तेजी देखने को मिली. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ कारोबार करते नजर आए.

चीन और हांगकांग के बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली, जबकि ब्राजील और यूरोप के कई प्रमुख बाजारों में निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी. बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, ट्रंप की नीतियों को लेकर पहले से बनी अनिश्चितता के बीच चुनावी नतीजों ने निवेशकों को कुछ राहत दी है.

दरअसल, ट्रंप की टैरिफ नीतियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े फैसलों को लेकर दुनियाभर के बाजारों में चिंता बनी हुई थी. ऐसे में अमेरिकी कांग्रेस में विपक्ष की मजबूत स्थिति से इन नीतियों पर निगरानी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है.

हालांकि, ट्रंप की हार का मतलब यह नहीं है कि उनके सभी फैसलों पर पूरी तरह रोक लग जाएगी. राष्ट्रपति के पास कई मामलों में स्वतंत्र अधिकार बने रहते हैं. इसलिए आने वाले समय में अमेरिकी राजनीति और आर्थिक नीतियों का असर ग्लोबल बाजारों पर बना रह सकता है.