बॉलीवुड फिल्म 'धुरंधर' के गाने 'दिल पे जख्म खाते हैं' से चर्चा में आए सिंगर इमरान खान ने धार्मिक भेदभाव को लेकर उठ रहे सवालों पर अपनी बात रखी है. उन्होंने शिव तांडव, जपजी साहब और गायत्री मंत्र का जिक्र करते हुए कहा कि सभी धर्मों का सम्मान किया जाना चाहिए और इंसानियत सबसे ऊपर है. उनका कहना है कि सभी लोग आपस में भाई-भाई हैं.

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इमरान खान की आवाज फिल्म 'धुरंधर' के गाने 'दिल पे जख्म खाते हैं' में सुनाई दी है. इस गाने को लेकर उन्हें दर्शकों के बीच पहचान मिली. हालांकि, उनके गानों और धार्मिक पहचान को लेकर कुछ चर्चाएं भी सामने आईं. इसी बीच सिंगर ने स्पष्ट किया कि संगीत को धर्म के आधार पर बांटना सही नहीं है.

इमरान खान ने बताया कि उन्होंने नमाज के साथ शिव तांडव, जपजी साहब और गायत्री मंत्र भी गाया है. उनके इस बयान ने धार्मिक सद्भाव और आपसी सम्मान की चर्चा को फिर से सामने ला दिया है.

सिंगर की बातों का मुख्य संदेश यही है कि धर्म अलग हो सकते हैं, लेकिन इंसानियत और भाईचारा सभी को जोड़ता है. संगीत भी ऐसी ही एक भाषा है, जो लोगों के बीच दूरी कम करने और भावनाओं को साझा करने का माध्यम बन सकती है.

इमरान खान का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब फिल्मों और संगीत में धार्मिक पहचान को लेकर अक्सर बहस होती रहती है. उनका कहना है कि सभी धर्मों के प्रति सम्मान और एक-दूसरे को समझने की भावना जरूरी है.