राहुल गांधी ने पंजाब के संगरूर में आयोजित रैली के दौरान दिवंगत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला को याद किया। उन्होंने मूसेवाला के पिता का जिक्र करते हुए उनके साथ अपनी पहली मुलाकात के बारे में बताया। राहुल ने कहा कि जब सिद्धू पहली बार उनसे मिलने आए थे, तब उन्होंने उनके गाने नहीं सुने थे, लेकिन उनकी प्रतिभा और व्यक्तित्व से प्रभावित हुए थे।

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राहुल गांधी ने बताया कि सिद्धू मूसेवाला कांग्रेस में शामिल होना चाहते थे। वह राजनीति को बहुत अच्छी तरह नहीं समझते थे, लेकिन उनमें काफी क्षमता थी। राहुल ने कहा कि बाद में जब उन्होंने सिद्धू का गाना '295' सुना, तब उन्हें समझ आया कि उनके संगीत में पंजाब की आवाज है। उनके गाने पंजाब की संस्कृति, पहचान और लोगों की भावनाओं को सामने लाते थे। राहुल के मुताबिक, सिद्धू पंजाब के लिए बहुत कुछ कर सकते थे और अपने संगीत के जरिए राज्य को दुनिया भर में पहचान दिला रहे थे।

रैली के दौरान राहुल गांधी ने सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि सिद्धू को धमकियां मिल रही थीं, इसके बावजूद उनकी सुरक्षा हटा दी गई और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। राहुल ने मूसेवाला के पिता के दर्द का जिक्र करते हुए कहा कि बेटे को खोने का दुख बेहद गहरा होता है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जिस सोच के कारण सिद्धू मूसेवाला की हत्या हुई, वही आज भी पंजाब में मौजूद है। उन्होंने कहा कि राज्य के प्रतिभाशाली युवाओं को डराया और धमकाया जा रहा है। राहुल के मुताबिक, पंजाब के युवाओं को सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए, ताकि वे अपनी प्रतिभा के दम पर आगे बढ़ सकें और राज्य का नाम रोशन कर सकें।