अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। कई भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवारों ने जीत हासिल कर अमेरिकी राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई। इस चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी से जुड़े भारतीय मूल के नेताओं का प्रदर्शन खास तौर पर चर्चा में रहा। पिया दांडिया ने फ्लोरिडा से जीत दर्ज कर अमेरिकी संसद में अपनी जगह बनाई, जबकि सुहास सुब्रमण्यम, अरुणा मिलर और प्रमिला जयपाल समेत कई नेताओं ने अपनी सीटें बरकरार रखीं।

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फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया दांडिया ने रिपब्लिकन प्रत्याशी केसी असकर को हराया। पूर्व स्कूल प्रिंसिपल पिया की जीत को भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से सुहास सुब्रमण्यम ने दोबारा जीत हासिल की। उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ को हराकर अपना दूसरा कार्यकाल सुनिश्चित किया।

मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर ने भी दोबारा जीत दर्ज की। इसके अलावा वॉशिंगटन के 7वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से प्रमिला जयपाल ने छठी बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में जगह बनाई। कैलिफोर्निया से रो खन्ना और अमी बेरा ने भी अपनी सीटें बरकरार रखीं।

हालांकि, भारतीय मूल के सभी उम्मीदवारों को सफलता नहीं मिली। ओहायो में रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी गवर्नर पद का चुनाव डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से हार गए। इन नतीजों ने अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती भूमिका और प्रभाव को एक बार फिर सामने ला दिया है।