पेंशनर्स के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा आसान हो गई है। हर साल पेंशन जारी रखने के लिए जीवन प्रमाण पत्र यानी लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना जरूरी होता है। पहले इसके लिए कई पेंशनर्स को बैंक या पेंशन कार्यालय जाना पड़ता था, लेकिन अब स्मार्टफोन की मदद से घर बैठे यह काम किया जा सकता है। केंद्र सरकार की जीवन प्रमाण (Jeevan Pramaan) सुविधा के जरिए डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाया जा सकता है।

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इस सुविधा में फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक का इस्तेमाल होता है। यानी पेंशनर्स अपने मोबाइल के कैमरे के सामने चेहरा दिखाकर पहचान सत्यापित कर सकते हैं। इसके लिए किसी अलग फिंगरप्रिंट मशीन की जरूरत नहीं होती। सफल सत्यापन के बाद डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट तैयार हो जाता है और संबंधित पेंशन वितरण एजेंसी इसे ऑनलाइन प्राप्त कर सकती है।

लाइफ सर्टिफिकेट बनाने के लिए पेंशनर्स को सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में Jeevan Pramaan ऐप और AadhaarFaceRD ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके बाद आधार नंबर, मोबाइल नंबर और पेंशन से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसमें PPO नंबर, बैंक और पेंशन खाते से संबंधित विवरण शामिल होते हैं। निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने के बाद मोबाइल कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन किया जाता है।

सफल प्रक्रिया के बाद एक यूनिक Pramaan ID जारी होती है। इस आईडी की मदद से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट डाउनलोड किया जा सकता है। पेंशनर्स को इस आईडी को सुरक्षित रखना चाहिए और प्रमाणपत्र जमा होने की स्थिति भी जांचनी चाहिए।

नवंबर 2026 में लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का अभियान 30 नवंबर तक चलेगा। 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के पेंशनर्स 1 अक्टूबर से और 80 वर्ष से कम उम्र के पेंशनर्स 1 नवंबर से अपना प्रमाणपत्र जमा कर सकते हैं। जिन बुजुर्गों को मोबाइल इस्तेमाल करने में परेशानी होती है, वे बैंक, पोस्ट ऑफिस या उपलब्ध डोरस्टेप सेवा की मदद भी ले सकते हैं।