देश की प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की आशंका और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़ा बदलाव शुरू किया है. एजेंसी ने देशभर से 5,000 से ज्यादा शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, अनुवादकों और विषय विशेषज्ञों को अपने पैनल में शामिल किया है. इन विशेषज्ञों की मदद से एक विशाल प्रश्न बैंक तैयार किया जा रहा है, जिससे परीक्षा के कुछ मिनट पहले प्रश्न पत्र को अंतिम रूप दिया जा सकेगा.
इस नई व्यवस्था का उद्देश्य NEET, JEE Main, CUET और UGC-NET जैसी परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक होने की आशंका को कम करना है. नए सिस्टम में विशेषज्ञ अलग-अलग सवाल तैयार करेंगे, लेकिन उन्हें यह जानकारी नहीं होगी कि उनका सवाल किस परीक्षा में या कब इस्तेमाल किया जाएगा. इससे किसी एक व्यक्ति के पास पूरा प्रश्न पत्र पहले से मौजूद होने की संभावना कम होगी.
NTA के इस पैनल में प्रश्न तैयार करने, अनुवाद, प्रश्नों की जांच, मॉडरेशन और आंसर-की सत्यापन जैसे काम शामिल होंगे. विशेषज्ञों के चयन के लिए चार स्तरों पर जांच की प्रक्रिया अपनाई जा रही है. इसमें शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और पृष्ठभूमि की जांच की जाएगी. कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों की पहचान भी की जाएगी.
चुने गए विशेषज्ञों को गोपनीयता समझौते यानी NDA पर हस्ताक्षर करने होंगे. एजेंसी का लक्ष्य प्रश्नों का ऐसा बड़ा संग्रह तैयार करना है, जिससे परीक्षा के अंतिम पेपर को पहले से तैयार रखने की जरूरत कम हो.
इस व्यवस्था के तहत परीक्षा से कुछ मिनट पहले प्रश्न बैंक से सवाल चुनकर अंतिम पेपर तैयार करने की योजना है. NTA का यह कदम परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.


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