पटना में NEET की तैयारी कर रही 17ET की तैयारी कर रही 17 वर्षीय छात्रा की मौत के मामले में CBI की क्लोजर रिपोर्ट के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। जांच एजेंसी ने 6 अक्टूबर 2026 को विशेष पॉक्सो अदालत में रिपोर्ट दाखिल करते हुए कहा कि किसी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। हालांकि, इस मामले में छात्रा की मौत की परिस्थितियों और जांच के निष्कर्षों को लेकर सवाल बने हुए हैं।
छात्रा 6 जनवरी 2026 को पटना के एक निजी हॉस्टल में बेहोश मिली थी। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पांच दिन बाद उसकी मौत हो गई। शुरुआत में पुलिस ने अत्यधिक नींद की गोलियां लेने की आशंका जताई थी। बाद में पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच से जुड़े निष्कर्षों के बाद संभावित यौन उत्पीड़न को लेकर भी सवाल उठे।
मामले में हॉस्टल के मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार किया गया था। उन्हें अप्रैल में जमानत मिल गई थी। छात्रा की मौत के बाद परिवार ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की थी। इसके बाद मामले की जांच CBI को सौंपी गई।
CBI की क्लोजर रिपोर्ट का अर्थ यह नहीं है कि मामला अपने आप पूरी तरह खत्म हो गया है। अदालत रिपोर्ट को स्वीकार कर सकती है, उसे खारिज कर सकती है या जांच एजेंसी को आगे की जांच करने का निर्देश दे सकती है। रिपोर्ट दाखिल होने के बाद अदालत ने शिकायतकर्ता छात्रा के पिता को नोटिस जारी किया है। मामले में अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को निर्धारित है।
अब अदालत की सुनवाई पर नजर रहेगी। इस मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा। फिलहाल, छात्रा की मौत से जुड़े सवालों के जवाब और परिवार को न्याय मिलने की उम्मीदें इस मामले को चर्चा में बनाए हुए हैं।



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