राजस्थान में जाली नोट छापने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, गिरोह का नेटवर्क पांच राज्यों तक फैला हुआ था। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने कथित तौर पर वेब सीरीज ‘फर्जी’ से प्रेरणा लेकर जाली नोट तैयार करने का काम शुरू किया था। पुलिस अब गिरोह के पूरे नेटवर्क और नकली करेंसी की सप्लाई से जुड़े तरीकों की जांच कर रही है।

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जाली नोटों का कारोबार अर्थव्यवस्था और आम लोगों के लिए गंभीर चुनौती है। ऐसे नोट बाजार में पहुंचने से दुकानदारों, व्यापारियों और आम नागरिकों को आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसी वजह से नकली करेंसी तैयार करने और उसे चलाने वाले नेटवर्क पर कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस मामले में पुलिस की जांच का दायरा गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। अधिकारियों की कोशिश है कि गिरोह में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जाए और पता लगाया जाए कि जाली नोट कहां तैयार किए जाते थे। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि नकली नोटों को किन रास्तों से अलग-अलग राज्यों तक पहुंचाया जाता था और इस काम में किन लोगों की मदद ली जाती थी।

छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और संभावित सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। पांच राज्यों तक नेटवर्क फैले होने की बात सामने आने के कारण अलग-अलग स्थानों पर आरोपियों के संपर्कों और गतिविधियों की जांच अहम हो गई है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के दौरान सामने आने वाले सबूतों और पुलिस की आधिकारिक जानकारी के आधार पर की जाएगी।