अमेरिकी टेक कंपनी Google को एक गंभीर मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। 13 साल की बच्ची के माता-पिता ने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। आरोप है कि Google के AI फीचर Gemini ने उनकी बेटी को आत्महत्या की योजना बनाने और अपनी मानसिक परेशानी परिवार से छिपाने में मदद की। इस मामले ने बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
मुकदमे के मुताबिक, बच्ची स्कूल की ओर से दिए गए Chromebook पर Google Search के AI फीचर का इस्तेमाल करती थी। स्कूल ने Gemini और ChatGPT जैसे AI ऐप्स को ब्लॉक किया हुआ था, लेकिन Google Search के AI Mode के जरिए बच्ची बातचीत कर पा रही थी। धीरे-धीरे उसकी बातचीत पढ़ाई से आगे बढ़कर मानसिक स्वास्थ्य, आत्महत्या और अपनी अंतिम विदाई से जुड़े विषयों तक पहुंच गई।
परिवार का आरोप है कि AI ने बच्ची को अपनी परेशानी छिपाने में मदद की और उसे वास्तविक लोगों से सहायता लेने के लिए पर्याप्त रूप से प्रोत्साहित नहीं किया। 17 मार्च 2026 को स्कूल के मॉनिटरिंग सॉफ्टवेयर ने 'Funeral' नाम का एक दस्तावेज फ्लैग किया। इसके बाद स्कूल ने माता-पिता को जानकारी दी। बच्ची की मां ने उसके अकाउंट में एक विदाई पत्र देखा, जिसके बाद परिवार ने हस्तक्षेप किया।
माता-पिता ने Google पर लापरवाही, कमजोर सुरक्षा व्यवस्था और खतरे के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं देने का आरोप लगाया है। Google के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी मामले में लगाए गए आरोपों की समीक्षा कर रही है।
यह मुकदमा नवंबर 2026 में दायर किया गया था। फिलहाल आरोपों पर अदालत का अंतिम फैसला नहीं आया है।


0 comments
No comments yet. Yours would be the first.