त्रिपुरा में फर्जी सरकारी टेंडर के नाम पर 44 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में कुल 13 ठिकानों पर छापेमारी की। यह मामला निलंबित IAS अधिकारी अभिषेक चंद्रा और उनके कथित सहयोगियों से जुड़ा है।

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ED के मुताबिक, नागपुर की कंपनी एसके सेल्स कॉर्पोरेशन की शिकायत पर इस मामले में FIR दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सितंबर 2024 से फरवरी 2025 के बीच कंपनी से करीब 14.55 करोड़ रुपये जमा कराए गए। यह रकम मिड-डे मील और बिजली क्षेत्र से जुड़े कथित सरकारी टेंडरों के नाम पर ली गई थी। हालांकि, जांच में इन टेंडरों के फर्जी होने का आरोप सामने आया।

जांच एजेंसी को शक है कि सरकारी विभाग से मिलते-जुलते नाम का इस्तेमाल करके एक फर्जी संस्था बनाई गई थी। इसी संस्था के जरिए लोगों और कंपनियों को सरकारी टेंडर दिलाने का भरोसा देकर पैसे जमा कराए गए। इसके बाद रकम को अलग-अलग कंपनियों और कथित हवाला नेटवर्क के माध्यम से ट्रांसफर किए जाने का संदेह है।

छापेमारी के दौरान ED ने कई दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड जब्त किए हैं। एजेंसी इन सबूतों के आधार पर कथित वित्तीय लेनदेन और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

ED के अनुसार, इस कथित घोटाले में कई पीड़ितों से कुल 44 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की गई है। मामले में आगे की जांच जारी है।