ब्राजील में फुटबॉल मैच के दौरान ऐसा बवाल हुआ, जिसने खेल जगत को हैरान कर दिया. अंडर-20 चैंपियनशिप के सेमीफाइनल मुकाबले में उबरलैंडिया और मामोरे की टीमों के बीच जमकर मारपीट हुई. हालात इतने बिगड़ गए कि रेफरी को कुल 53 रेड कार्ड दिखाने पड़े. इस घटना ने फुटबॉल इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बना दिया और 15 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया.
यह मुकाबला मिनास गेरैस अंडर-20 चैंपियनशिप के सेमीफाइनल का पहला चरण था. मैच में मामोरे ने उबरलैंडिया को 3-1 से हराया. दूसरे हाफ में एक खिलाड़ी को रेड कार्ड दिखाए जाने के बाद उबरलैंडिया के कुछ अधिकारी मैदान में पहुंच गए. इसके चलते मुकाबला करीब 40 मिनट तक रोकना पड़ा. सुरक्षा व्यवस्था बहाल होने के बाद खेल दोबारा शुरू हुआ.
मैच के अंतिम समय में मामोरे ने तीसरा गोल किया. गोल का जश्न मनाते हुए उसके खिलाड़ी डेविड ने विपक्षी टीम के बेंच की ओर कुछ इशारे किए और कथित तौर पर अपमानजनक बातें कहीं. इसके बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों और स्टाफ के बीच भिड़ंत शुरू हो गई. मैदान पर मुक्के, लात और धक्का-मुक्की देखने को मिली. रेफरी के मुताबिक, हालात इतने खराब हो गए कि मैदान पर सभी को कार्ड दिखाना संभव नहीं था.
इस मुकाबले में 43 खिलाड़ियों, आठ कोचिंग स्टाफ और उबरलैंडिया के दो अधिकारियों को रेड कार्ड दिया गया. इससे पहले एक मैच में सबसे ज्यादा 36 रेड कार्ड का रिकॉर्ड था, जो 2011 में अर्जेंटीना के क्लब एटलेटिको क्लेपोले और विक्टोरियानो एरेनास के बीच मुकाबले में बना था.
घटना के बाद उबरलैंडिया ने सेमीफाइनल का दूसरा मुकाबला नहीं खेलने का फैसला किया. क्लब ने इसे खेल भावना से जुड़ा कदम बताया, क्योंकि मामोरे के पास इतने खिलाड़ियों की उपलब्धता नहीं थी कि वह अगला मैच खेल सके. इस फैसले के बाद मामोरे फाइनल में पहुंच गया.


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