समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर अपने अंदाज में दिलचस्प जवाब दिया है। वाराणसी पहुंचे अखिलेश यादव से जब पूछा गया कि क्या वह वाराणसी से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे, तो उन्होंने हंसते हुए कहा, “हम मुख्यमंत्री तभी बनते हैं जब चुनाव नहीं लड़ते हैं, इसलिए शुभ काम करेंगे।” उनके इस बयान के बाद यूपी की राजनीति में उनकी चुनावी भूमिका को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
अखिलेश यादव ने फिलहाल वाराणसी या किसी दूसरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का स्पष्ट ऐलान नहीं किया है। उनका जवाब मुख्यमंत्री बनने और विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल को जोड़ते हुए दिया गया था।
अखिलेश यादव 2012 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। उस समय वह विधान परिषद के सदस्य थे और उन्होंने विधानसभा चुनाव नहीं लड़ा था। 2017 में भी वह मुख्यमंत्री रहते हुए विधान परिषद के सदस्य थे। हालांकि, 2022 के विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव पहली बार मैदान में उतरे थे। उन्होंने मैनपुरी की करहल सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी।
जून 2024 में कन्नौज लोकसभा सीट से सांसद चुने जाने के बाद अखिलेश यादव ने करहल विधानसभा सीट छोड़ दी थी। फिलहाल वह कन्नौज से सांसद हैं।
वाराणसी में अखिलेश यादव ने चुनावी सवालों के अलावा बीजेपी सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने काशी के विकास, रोजगार, किसानों और बुनकरों से जुड़े मुद्दे उठाए। साथ ही समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर वाराणसी में मेट्रो सुविधा देने और वरुणा नदी को सुंदर बनाने का वादा भी किया।
अखिलेश यादव का यह बयान 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उनकी संभावित रणनीति को लेकर चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।


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