सोचिए, आप किसी सुपरमार्केट में जाते हैं और वहां रखे फ्रिज का तापमान अचानक बढ़ जाता है। दूध, दही, मीट और दूसरी खाने-पीने की चीजें खराब होने लगती हैं। यह किसी तकनीकी खराबी का नतीजा नहीं, बल्कि हैकर्स का हमला भी हो सकता है। यूरोप में हाल ही में ऐसा ही हुआ है, जहां सुपरमार्केट के फ्रिज और फ्रीजर को साइबर हमले के जरिए निशाना बनाया गया।

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2 नवंबर को यूरोप के कम से कम 9 देशों में सुपरमार्केट के कूलिंग सिस्टम प्रभावित हुए। बेल्जियम, स्वीडन, आयरलैंड, इटली, फिनलैंड, एस्टोनिया, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड और पुर्तगाल में फ्रिज का तापमान बढ़ने की घटनाएं सामने आईं। कुछ जगहों पर तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे खाने का सामान खराब हुआ और दुकानों को कई उत्पाद हटाने पड़े। इससे पहले अक्टूबर में फ्रांस के सैकड़ों सुपरमार्केट भी इसी तरह के हमले का सामना कर चुके थे।

दरअसल, बड़े सुपरमार्केट में स्मार्ट कूलिंग सिस्टम लगाए जाते हैं, जिन्हें इंटरनेट के जरिए दूर से नियंत्रित किया जा सकता है। इनकी मदद से कर्मचारी फ्रिज का तापमान चेक करने और खराबी पहचानने का काम करते हैं। लेकिन कमजोर साइबर सुरक्षा के कारण हैकर्स इन सिस्टम का नियंत्रण हासिल कर सकते हैं और तापमान बदल सकते हैं।

अब सवाल है कि क्या भारत में भी ऐसा खतरा है? भारत में इस तरह के सुपरमार्केट फ्रिज साइबर हमले की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। हालांकि, इंटरनेट से जुड़े स्मार्ट उपकरणों की सुरक्षा कमजोर होने पर भविष्य में ऐसी घटनाएं संभव हैं। मजबूत पासवर्ड, नियमित सॉफ्टवेयर अपडेट और सुरक्षित नेटवर्क से ऐसे जोखिम कम किए जा सकते हैं।