मेडिकल की पोस्टग्रेजुएट पढ़ाई में दाखिले की प्रक्रिया को लेकर बड़ा बदलाव सामने आया है. NEET-PG और NEET-SS में अब पर्सेंटाइल आधारित पात्रता की जगह रैंक आधारित मेरिट सिस्टम लागू करने का प्रस्ताव दिया गया है. सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित 12 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी है. इस प्रस्ताव को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) की सैद्धांतिक मंजूरी भी मिल चुकी है.

AdvertisementThe Puranic

समिति ने सुझाव दिया है कि NEET-PG और NEET-SS में उम्मीदवारों की पात्रता और दाखिले की प्रक्रिया को रैंक आधारित व्यवस्था से जोड़ा जाए. इसके लिए जल्द नियमों का मसौदा जारी कर संबंधित पक्षों से सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. प्रस्तावित बदलाव 2027 से लागू किए जाने की संभावना है.

यह मामला NEET-PG 2025 के क्वालिफाइंग कटऑफ में भारी कमी किए जाने के बाद विवादों में आया था. सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों का क्वालिफाइंग पर्सेंटाइल 50 से घटाकर 7 कर दिया गया था, जबकि अन्य वर्गों के लिए भी कटऑफ में बड़ी कमी की गई थी. इस फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दाखिल हुई थीं. याचिकाकर्ताओं ने मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता और चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे.

विशेषज्ञ समिति ने मेडिकल की खाली सीटों को भरने के लिए भी कई सुझाव दिए हैं. इनमें नॉन-क्लिनिकल कोर्स की फीस कम करना, प्री-क्लिनिकल और पैरा-क्लिनिकल विषयों में सर्विस बॉन्ड से छूट देना और काउंसलिंग प्रक्रिया को बेहतर बनाना शामिल है. समिति ने सीट ब्लॉक करने की प्रवृत्ति रोकने के लिए बायोमेट्रिक और KYC व्यवस्था पर भी विचार करने की सलाह दी है.

सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर लेते हुए संबंधित पक्षों को अपनी प्रतिक्रिया दाखिल करने का समय दिया है. ऐसे में NEET-PG और NEET-SS की चयन प्रक्रिया में बदलाव को लेकर आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी.