मुंबई के बोरीवली स्थित BEST बस स्टेशन की जमीन पर अतिक्रमण के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए चेतावनी दी कि अगर बस स्टेशन से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो BMC कमिश्नर को नवंबर महीने की सैलरी नहीं मिलेगी. कोर्ट की इस टिप्पणी के बाद प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर मामला गंभीर हो गया है.
सुप्रीम कोर्ट ने बोरीवली BEST बस स्टेशन की जमीन से अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए हैं. अदालत ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी जमीन पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. बस स्टेशन की जमीन का इस्तेमाल सार्वजनिक सुविधा के लिए होना चाहिए, लेकिन वहां अतिक्रमण के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है.
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने BMC से कार्रवाई की स्थिति पर जवाब मांगा और निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया. कोर्ट ने संकेत दिया कि आदेशों को लागू करने में लापरवाही बरतने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं.
सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद अब BMC पर अतिक्रमण हटाने का दबाव बढ़ गया है. नवंबर की सैलरी रोकने की चेतावनी को प्रशासन के लिए कड़ा संदेश माना जा रहा है. इस मामले में आगे की कार्रवाई और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पर नजर रहेगी.


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