भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार, 23 अक्टूबर को लगातार चौथे कारोबारी दिन गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी पर बिकवाली का दबाव बना रहा, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। बाजार में गिरावट के पीछे कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और कंपनियों के नतीजों को लेकर चिंता जैसे प्रमुख कारण रहे।

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पहला बड़ा कारण पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने और कंपनियों की लागत पर दबाव पड़ने की आशंका रहती है।

दूसरा कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली है। विदेशी निवेशकों के बाजार से पैसा निकालने के कारण शेयरों पर दबाव बढ़ा। घरेलू निवेशकों की खरीदारी भी इस गिरावट को पूरी तरह संभाल नहीं सकी।

तीसरा कारण कंपनियों के तिमाही नतीजों और मुनाफे को लेकर चिंता है। कमजोर प्रदर्शन और कारोबार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा की आशंका से कई शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। खास तौर पर स्विगी के शेयर में बिकवाली का दबाव रहा और कारोबार के दौरान यह करीब 17 फीसदी तक टूट गया।

लगातार चौथे दिन बाजार में गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में करीब 7 लाख करोड़ रुपये की कमी आई। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में रहे। बाजार की आगे की दिशा कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।