श्रीलंका के पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे ने जेल में बंद अपने बेटे नमल राजपक्षे को एक चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने राजनीति में आने से पहले दी गई अपनी सलाह को याद करते हुए कहा कि राजनीतिक जीवन में जेल जाने और मुश्किलों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए। महिंदा राजपक्षे का यह संदेश ऐसे समय आया है, जब नमल भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में न्यायिक हिरासत में हैं।
महिंदा राजपक्षे ने चिट्ठी में बताया कि जब नमल ने साल 2010 में राजनीति में आने की इच्छा जताई थी, तब उन्होंने उसे इसके संभावित नतीजों के बारे में आगाह किया था। उन्होंने कहा था कि राजनीति में आना बेटे की अपनी इच्छा है, लेकिन उसे जेल और कठिन परिस्थितियों के लिए भी तैयार रहना होगा।
पूर्व राष्ट्रपति ने अपने राजनीतिक जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें भी राजनीति में आने के कुछ समय बाद जेल जाना पड़ा था। उन्होंने उस समय के आरोपों को निराधार बताया और कहा कि मुश्किल दौर में न्यायपालिका पर उनका भरोसा बना रहा। उन्होंने अपने बेटे को भी अदालतों पर विश्वास रखने की सलाह दी।
महिंदा राजपक्षे ने नमल से यह भी कहा कि यदि भविष्य में उन्हें सत्ता मिलती है, तो राजनीतिक विरोधियों से बदला लेने को अपनी नीति नहीं बनाना चाहिए। उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति के माता-पिता के कामों के लिए उसके बच्चों को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए।
नमल राजपक्षे फिलहाल कथित भ्रष्टाचार और रिश्वत से जुड़े मामलों में हिरासत में हैं। इन मामलों में आरोपों की जांच जारी है। आरोपों का अंतिम निष्कर्ष अदालत की प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।



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