भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 7 अक्टूबर को लगातार दो दिनों की तेजी के बाद बड़ी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 429.11 अंक यानी 0.59 फीसदी गिरकर 72,638.70 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 173.05 अंक यानी 0.76 फीसदी की गिरावट के साथ 22,603.05 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में हुई इस बिकवाली से निवेशकों की संपत्ति में करीब 3.73 लाख करोड़ रुपये की कमी आई।
बुधवार की गिरावट के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति का फैसला प्रमुख वजह रहा। RBI ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 फीसदी कर दिया। यह फरवरी 2023 के बाद पहली रेपो रेट बढ़ोतरी है। केंद्रीय बैंक ने अपनी नीति का रुख भी ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया।
बाजार पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, कमजोर रुपये और विदेशी निवेशकों की बिकवाली का भी दबाव रहा। बुधवार को 16 प्रमुख सेक्टरों में से 14 में गिरावट दर्ज की गई। मेटल, रियल्टी, ऑटो और FMCG शेयरों में खास दबाव देखने को मिला।
निफ्टी के प्रमुख शेयरों में टाइटन करीब 4 फीसदी गिरकर सबसे बड़े लूजर में रहा। अडानी एंटरप्राइजेज और हिंडाल्को में भी करीब 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। दूसरी ओर कोटक महिंद्रा बैंक, भारती एयरटेल और ICICI बैंक समेत कुछ शेयर बढ़त में बंद हुए।



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