सोनाक्षी सिन्हा और जहीर इकबाल की फिल्म ‘तू है मेरी किरण’ सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। यह सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म टाइम ट्रैवल, प्यार और जुनून की कहानी दिखाने की कोशिश करती है। फिल्म का कॉन्सेप्ट नया और दिलचस्प है, लेकिन कमजोर लेखन और उलझी हुई कहानी इसका असर कम कर देते हैं।
फिल्म में समर का किरदार जहीर इकबाल ने निभाया है, जबकि सोनाक्षी सिन्हा किरण के रोल में नजर आती हैं। कहानी में साल 2016 और 2026 के दो अजनबी एक पुराने फ्लिप फोन के जरिए जुड़ जाते हैं। दोनों के बीच दस साल का अंतर है। शुरुआत में यह अनोखा कनेक्शन दर्शकों की उत्सुकता बढ़ाता है और लगता है कि कहानी किसी बड़े रहस्य तक पहुंचेगी।
लेकिन धीरे-धीरे कहानी प्यार और जुनून की ओर मुड़ जाती है। समर का लगाव खतरनाक जुनून में बदलने लगता है और वह किरण की जिंदगी में दखल देने लगता है। फिल्म एकतरफा प्यार और किसी की ना को स्वीकार न करने जैसी गंभीर बात उठाती है, लेकिन इन पहलुओं को पर्याप्त गहराई नहीं मिलती।
फिल्म का पहला हाफ दिलचस्प बना रहता है, लेकिन दूसरे हिस्से में कई ट्विस्ट और टाइमलाइन से जुड़ी उलझनें कहानी को कमजोर कर देती हैं। टाइम ट्रैवल के नियम भी साफ नहीं होते, जिससे दर्शकों के मन में कई सवाल रह जाते हैं।
अभिनय की बात करें तो जहीर इकबाल अपने किरदार में ठीक लगते हैं और सोनाक्षी सिन्हा भी सहज नजर आती हैं। हालांकि, दोनों के किरदारों को बेहतर तरीके से लिखा जा सकता था। कुल मिलाकर, ‘तू है मेरी किरण’ के पास अच्छा आइडिया है, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले इसे एक असरदार थ्रिलर बनने से रोकता है।



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