चुनाव आयोग की SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी है। 8 अक्टूबर को पटना में तेजस्वी यादव की अगुवाई में महागठबंधन ने राजभवन की ओर मार्च किया। प्रदर्शन के दौरान तेजस्वी यादव बैरिकेड पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें, मुकेश सहनी और मीसा भारती समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया। विपक्षी दल SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए अपनी मांगें राज्यपाल के सामने रखने जा रहे थे।
वहीं बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने SIR के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में CJP संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ अभिनेता प्रकाश राज और यूट्यूबर ध्रुव राठी भी शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। CJP ने 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी प्रदर्शन करने की घोषणा की है।
दिल्ली में भी कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया है। विपक्ष SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहा है। दूसरी ओर, ये सभी आरोप विपक्षी दलों के दावे हैं; चुनाव आयोग की ओर से प्रक्रिया को लेकर उसका आधिकारिक पक्ष अलग है।
इस तरह SIR का मुद्दा अब बिहार से लेकर कर्नाटक और दिल्ली तक राजनीतिक विरोध का प्रमुख केंद्र बन गया है।



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