पाकिस्तान में 11 अक्टूबर 2026 को बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में इमरजेंसी लागू करने के फैसले को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की प्रांतीय सरकार निलंबित हो गई है। इस फैसले के बाद प्रांत के प्रशासन में केंद्र सरकार का दखल बढ़ गया है।

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प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अध्यक्षता में हुई संघीय कैबिनेट की बैठक में इमरजेंसी लगाने की सिफारिश की गई थी। केंद्र सरकार का आरोप है कि प्रांतीय सरकार आतंकवाद से निपटने में प्रभावी भूमिका नहीं निभा रही थी और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उसका सहयोग पर्याप्त नहीं था। हाल के महीनों में इस क्षेत्र में आतंकी हमलों में बढ़ोतरी भी हुई है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर PTI समर्थक प्रदर्शन कर रहे हैं। पार्टी ने इस्लामाबाद तक मार्च निकालने की योजना बनाई थी। सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए राजधानी में प्रदर्शनकारियों के प्रवेश को रोकने की तैयारी की है।

PTI ने इमरजेंसी लगाने और अपनी सरकार निलंबित किए जाने का विरोध किया है। पार्टी के नेताओं ने इस कदम को लोकतांत्रिक जनादेश के खिलाफ बताते हुए इसे असंवैधानिक करार दिया है। वहीं, केंद्र सरकार का कहना है कि मौजूदा सुरक्षा स्थिति से निपटने के लिए यह कदम जरूरी था।

खैबर पख्तूनख्वा में इस घटनाक्रम से पाकिस्तान की राजनीति में तनाव बढ़ गया है। आने वाले दिनों में PTI के विरोध प्रदर्शन और केंद्र सरकार की कार्रवाई पर सबकी नजर रहेगी।