नेपाल में बूढ़ी गंडक नदी में अचानक आई बाढ़ ने कई इलाकों में खतरा बढ़ा दिया है। 11 अक्टूबर को गोरखा जिले के आरूघाट में नदी का जलस्तर सुबह 8:40 बजे 8.43 मीटर तक पहुंच गया, जबकि यहां खतरे का निशान 5 मीटर है। बाढ़ के कारण नदी की निगरानी करने वाला केंद्र और एक पुल बह गए, जिसके बाद जलस्तर की आगे की जानकारी मिलना बंद हो गया।

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प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, गोरखा जिले के चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के तुम्चे इलाके में भूस्खलन के कारण नदी की एक सहायक धारा का रास्ता अवरुद्ध हो गया था। आशंका है कि पानी का दबाव बढ़ने के बाद अवरोध टूटा और अचानक तेज बहाव के साथ बाढ़ आ गई। हालांकि, बाढ़ के वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए तकनीकी जांच जरूरी है।

बाढ़ से कई घरों और पुलों को नुकसान पहुंचा है। रिपोर्टों के अनुसार, करीब 12 घर और दो झूला पुल बह गए हैं। पांच लोग लापता बताए गए हैं, जबकि 49 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है। राहत और बचाव कार्य में नेपाली सेना और पुलिस की टीमें जुटी हैं।

नेपाल के आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने गोरखा, धादिंग, तनहूं, चितवन और नवलपरासी के संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। लोगों से नदी किनारे जाने और जोखिम वाले पुलों व सड़कों का इस्तेमाल करने से बचने की अपील की गई है।

प्रशासन के अनुसार, नदी का बहाव कम होने के बावजूद खतरा पूरी तरह टला नहीं है। ऐसे में लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।