महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC की परीक्षा व्यवस्था को लेकर पुणे में छात्रों का प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी है। छात्र कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और भर्ती में देरी जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनकी प्रमुख मांग MPSC अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की है।

AdvertisementThe Puranic


सोमवार को इस आंदोलन को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे का भी समर्थन मिला। वह पुणे पहुंचकर छात्रों के प्रदर्शन में शामिल होने और उन्हें संबोधित करने वाले हैं। NCP (शरद पवार गुट) के सांसद अमोल कोल्हे और दूसरे विपक्षी नेताओं के भी आंदोलन में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। हर दिन करीब 2,000 से 3,000 परीक्षार्थी प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं।


दरअसल, अगस्त 2026 में MPSC ने ड्रग इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की शिकायतों के बाद रद्द कर दिया था। इसके बाद छात्रों ने आयोग की कार्यप्रणाली और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। छात्रों का आरोप है कि कथित पेपर लीक और दूसरी अनियमितताओं की नैतिक जिम्मेदारी आयोग के शीर्ष अधिकारियों की है।


इस मामले में महाराष्ट्र सरकार ने MPSC सचिव महेंद्र हरपाळकर का तबादला कर दिया है, लेकिन अध्यक्ष विवेक भीमनवार को हटाने की मांग अब भी जारी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अध्यक्ष संवैधानिक पद पर हैं और उन्हें हटाने की प्रक्रिया राज्य सरकार के सीधे अधिकार में नहीं आती।


आंदोलन के बीच छात्रों के बीच परीक्षा पैटर्न को लेकर भी मतभेद सामने आए हैं। एक गुट पुराने MCQ पैटर्न की वापसी चाहता है, जबकि दूसरा डिस्क्रिप्टिव पैटर्न जारी रखने के पक्ष में है।