फ्रांसीसी अभिनेत्री और ऑस्कर विजेता मैरियन कोटिलार्ड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार अभिनेताओं के प्रदर्शन पर अपनी राय रखी है। सैन सेबेस्टियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में उन्होंने कहा कि एआई कलाकार अभी तक उन्हें भावनात्मक रूप से प्रभावित नहीं कर पाए हैं। उन्होंने इनके अभिनय की तुलना आलू से करते हुए इसे बेजान बताया।
कोटिलार्ड ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जिस दिन किसी एआई अभिनेता का प्रदर्शन उन्हें वास्तव में प्रभावित करेगा, उस दिन वह डर जाएंगी। हालांकि, फिलहाल उन्हें ऐसा कोई प्रदर्शन देखने को नहीं मिला है, जो मानवीय अभिनय की भावनात्मक गहराई को दर्शाता हो।
अभिनेत्री के अनुसार, अभिनय केवल संवाद बोलने या चेहरे पर भाव दिखाने तक सीमित नहीं है। वास्तविक जीवन के अनुभव, संघर्ष और भावनाएं किसी कलाकार के प्रदर्शन को गहराई प्रदान करते हैं। यही अनुभव दर्शकों को फिल्मों, किताबों और संगीत से भावनात्मक रूप से जोड़ते हैं।
इस दौरान कोटिलार्ड ने क्रोध, हिंसा और रचनात्मकता के संबंध पर भी बात की। उन्होंने कहा कि सामाजिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय संकट लोगों में गुस्सा और निराशा पैदा कर सकते हैं। हालांकि, उनकी उम्मीद है कि इन भावनाओं को हिंसा के बजाय रचनात्मक अभिव्यक्ति में बदला जा सकेगा।
कोटिलार्ड निर्देशक निकोल गार्सिया की फिल्म '7h40 ce matin-là / Milo' के विश्व प्रीमियर के लिए फिल्म महोत्सव में शामिल हुई हैं। यह फिल्म महोत्सव के शीर्ष पुरस्कार की प्रतिस्पर्धा में है। अभिनेत्री के बयान ने फिल्म निर्माण में एआई के बढ़ते इस्तेमाल और मानवीय अभिनय की अहमियत पर चर्चा को एक नया विषय दिया है।



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