सिद्धार्थ मल्होत्रा और तमन्ना भाटिया की फिल्म 'द व्वां: फोर्स ऑफ द फॉरेस्ट' 25 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। भारतीय लोककथाओं पर आधारित यह थ्रिलर आस्था, अंधविश्वास और आधुनिक सोच के टकराव को दिखाती है। हालांकि, दिलचस्प कहानी होने के बावजूद इसकी जटिल पटकथा रहस्य को कमजोर करती है।
फिल्म की कहानी ऋषि और उसकी पत्नी ममता के इर्द-गिर्द घूमती है। दोनों छठ पूजा और पारिवारिक जमीन विवाद के कारण अपने पैतृक गांव देवांचल लौटते हैं। छह साल पहले अपने अजन्मे बच्चे को खोने के बाद ऋषि का धार्मिक विश्वास कमजोर पड़ चुका है।
गांव में मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद जंगल में प्रवेश करना खतरनाक है। एक प्राचीन कथा के अनुसार, वन देवी ने अलौकिक शक्तियों को जंगल में कैद कर रखा है। लेकिन ऋषि इन मान्यताओं पर विश्वास नहीं करता।
कहानी में मोड़ तब आता है, जब दीपक नामक व्यक्ति विकास के लिए जंगल में सड़क बनवाना चाहता है। इसके बाद प्राचीन शक्तियों और गांव की सुरक्षा को लेकर संघर्ष शुरू होता है।
फिल्म में सिद्धार्थ और तमन्ना ने अपने किरदारों को गंभीरता से निभाया है। सुनील ग्रोवर खलनायक की भूमिका में नजर आते हैं, जबकि मनीष पॉल अपने हास्य से मनोरंजन करते हैं।
छठ पूजा के दृश्य प्रभावशाली हैं, लेकिन कमजोर विजुअल इफेक्ट्स और जरूरत से ज्यादा बैकग्राउंड म्यूजिक डर का असर घटाते हैं। कई अनावश्यक मोड़ भी कहानी की गति प्रभावित करते हैं। फिल्म की मूल लोककथा दिलचस्प है, लेकिन असमान निर्देशन इसकी संभावनाओं को पूरी तरह उभरने नहीं देता।



0 comments
No comments yet. Yours would be the first.