जापान के केंद्रीय बैंक बैंक ऑफ जापान (BOJ) ने बढ़ती कीमतों और कमजोर येन के दबाव के बीच ब्याज दर में बढ़ोतरी की है। शुक्रवार को बैंक ने अपनी मुख्य ब्याज दर को 1 फीसदी से बढ़ाकर 1.25 फीसदी कर दिया। यह स्तर करीब 31 साल बाद देखने को मिला है। इससे जापान लंबे समय से चली आ रही बेहद कम ब्याज दर वाली नीति से और आगे बढ़ गया है।
बैंक ऑफ जापान ने 2024 में ब्याज दर बढ़ाने का सिलसिला शुरू किया था। उस समय दर -0.1 फीसदी थी। इसके बाद पिछले ढाई वर्षों में बैंक ने छह बार ब्याज दर बढ़ाई है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बढ़ती महंगाई को नियंत्रित करना और अर्थव्यवस्था में ब्याज दरों को सामान्य स्तर की ओर ले जाना है।
जापान की अर्थव्यवस्था इस समय कई चुनौतियों का सामना कर रही है। इनमें कमजोर येन, बढ़ती कीमतें और घटता कार्यबल प्रमुख हैं। अगस्त में जापान की कोर महंगाई दर 1.8 फीसदी से घटकर 1.7 फीसदी हो गई, लेकिन यह अब भी बैंक के 2 फीसदी के लक्ष्य के करीब है।
ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी ने भी जापान की मुश्किलें बढ़ाई हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग बाधित होने से वैश्विक तेल और गैस की कीमतों पर दबाव बढ़ा है। जापान मध्य पूर्व से आने वाली ऊर्जा पर काफी निर्भर है, इसलिए ऐसी आपूर्ति बाधाओं का सीधा असर उसकी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
कमजोर येन को लेकर जापान और अमेरिका ने अगस्त में संयुक्त हस्तक्षेप भी किया था। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने भी येन को समर्थन देने के लिए जापान से ब्याज दर बढ़ाने की दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया था।



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