जामिया मिल्लिया इस्लामिया में छात्र प्रदर्शन को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हिंसा और गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जामिया में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहा है, जिसके चलते विश्वविद्यालय परिसर में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

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प्रदर्शन कर रहे छात्रों की प्रमुख मांग विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव दोबारा शुरू कराने की है। छात्र चाहते हैं कि उन्हें अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिले और उनकी समस्याओं को विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचाने के लिए एक औपचारिक मंच उपलब्ध हो।

इस बीच शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थानों में हिंसा और अनुशासनहीनता स्वीकार नहीं की जा सकती। उनके बयान में कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया। हालांकि, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन और हिंसक गतिविधियों के बीच अंतर करना जरूरी है।

जामिया में छात्रसंघ चुनाव की बहाली का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। छात्र संगठन चुनाव कराने के लिए स्पष्ट व्यवस्था और समयसीमा तय करने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि छात्र प्रतिनिधित्व से विद्यार्थियों की समस्याओं को प्रभावी तरीके से उठाया जा सकता है।

फिलहाल, इस मामले में आगे की स्थिति विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई