अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों पर फैसले से सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। 28 अक्टूबर 2026 को होने वाली फेड की बैठक के नतीजे पर दुनियाभर के निवेशकों की नजरें टिकी हैं। इस फैसले का असर डॉलर, शेयर बाजार और कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ सकता है।

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अंतरराष्ट्रीय बाजार में फेड के फैसले से पहले सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई। बाजार में आम तौर पर उम्मीद है कि फेड फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव नहीं करेगा। हालांकि, निवेशक इस बात पर भी ध्यान दे रहे हैं कि आने वाले महीनों में ब्याज दरों को लेकर केंद्रीय बैंक क्या संकेत देता है।

ब्याज दरों का सोने और चांदी की कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है। अगर फेड ब्याज दरों को ऊंचे स्तर पर बनाए रखने या आगे बढ़ाने के संकेत देता है, तो डॉलर मजबूत हो सकता है। ऐसी स्थिति में सोने की मांग पर दबाव पड़ने की आशंका रहती है, क्योंकि सोना अपने आप में ब्याज नहीं देता। इसके उलट, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ने पर सोने और चांदी को सहारा मिल सकता है।

भारत में भी सोने-चांदी की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुख से प्रभावित होती हैं। इसके अलावा डॉलर के मुकाबले रुपये की चाल, आयात लागत और घरेलू मांग भी कीमतों को प्रभावित करती हैं। इसलिए अमेरिकी फेड के फैसले के बाद भारतीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

हालांकि, कीमतों में तेजी या गिरावट कितनी होगी, यह फेड के फैसले और उसके बयान पर निर्भर करेगा। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे बाजार की चाल पर नजर रखें और केवल अनुमानों के आधार पर खरीद-बिक्री का फैसला न करें।