भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) के प्रस्तावित बीमा वितरण सुधारों को लेकर बीमा ब्रोकर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (IBAI) ने चिंता जताई है। संगठन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्रालय से मामले में हस्तक्षेप की मांग की है। IBAI का कहना है कि प्रस्तावित नियमों को लागू करने से अगले पांच वर्षों में कम से कम 10 लाख लोगों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

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IRDAI ने सितंबर में ‘Recalibrating Economics of Insurance Distribution’ नाम से एक परामर्श पत्र जारी किया था। इसमें बीमा वितरण और कमीशन व्यवस्था में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। प्रस्ताव के तहत अलग-अलग बीमा उत्पादों और वितरण चैनलों के लिए 30 से अधिक कमीशन सीमाएं तय करने की बात कही गई है। साथ ही बीमा कंपनियों के कुल खर्च की सीमा में करीब एक-तिहाई कटौती का प्रस्ताव है।


IBAI का कहना है कि वह बीमा की गलत बिक्री रोकने के लिए IRDAI के प्रयासों का समर्थन करता है, लेकिन कमीशन पर सख्त सीमा और खर्च में कटौती से ब्रोकर्स, कर्मचारियों, छोटे बीमा कारोबार और प्रतिस्पर्धा पर असर पड़ सकता है। संगठन के मुताबिक, बीमा वितरण से जुड़े 83 लाख से ज्यादा प्रोफेशनल्स हैं और ब्रोकर करीब 14.81 लाख पॉइंट-ऑफ-सेल कर्मचारियों से जुड़े हैं।


IBAI ने मांग की है कि नए नियम लागू करने से पहले व्यापक प्रभाव आकलन कराया जाए। संगठन मौजूदा Expense of Management व्यवस्था को 2028 तक जारी रखने और सभी हितधारकों के साथ विस्तृत चर्चा की मांग कर रहा है।