भारतीय शेयर बाजार में 6 अक्टूबर को निफ्टी 50 में मजबूती देखने को मिली। निजी बैंकों, मेटल और फार्मा कंपनियों के शेयरों में खरीदारी के चलते बेंचमार्क इंडेक्स 22,650 के स्तर से ऊपर कारोबार करता नजर आया। अब निवेशकों की नजर इस बात पर है कि क्या बाजार हाल की गिरावट से उबरकर 23,000 के स्तर की ओर बढ़ेगा या फिर अक्टूबर की शुरुआत के निचले स्तरों की दोबारा जांच होगी।
विशेषज्ञों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 22,621 का स्तर अहम है। इसके ऊपर टिकने पर इंडेक्स 22,750 और फिर 23,000 की ओर बढ़ सकता है। वहीं, इस स्तर के ऊपर मजबूती नहीं मिलने पर आरबीआई की मौद्रिक नीति के फैसले से पहले 22,200 से 22,620 के दायरे में कारोबार जारी रह सकता है।
बजाज ब्रोकिंग के पबित्रो मुखर्जी ने कहा कि 22,182 के अप्रैल 2026 के निचले स्तर के नीचे जाने पर निफ्टी 22,000 और 2025 के निचले स्तर 21,743 की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने बाजार में स्थायी तेजी के लिए 23,000-23,100 के स्तर को दोबारा हासिल करना जरूरी बताया।
चॉइस ब्रोकिंग के हितेश टेलर के अनुसार, मजबूत शुरुआती संकेतों और बेहतर वैश्विक संकेतों से निकट अवधि में सकारात्मक रुख बना है, लेकिन व्यापक बाजार की स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
तकनीकी स्तरों पर 22,400-22,450 को अहम सपोर्ट और 22,700-22,750 को प्रमुख प्रतिरोध माना जा रहा है। 22,850 के ऊपर टिकाऊ तेजी से 23,000 की राह खुल सकती है, जबकि 22,450 के नीचे फिसलने पर बिकवाली बढ़ सकती है।



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