संयुक्त राष्ट्र महासभा की छठी समिति में भारत ने जम्मू-कश्मीर और पाकिस्तान में आतंकी ढांचे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) की टिप्पणी पर कड़ा जवाब दिया। भारत की ओर से बीजेपी सांसद बिप्लब कुमार देब ने कहा कि OIC के बयान में तथ्यों और वास्तविकता के बीच अंतर नहीं किया गया और पीड़ित तथा अपराधी में फर्क करने में भी असमर्थता दिखाई गई।

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देब ने कहा कि भारत सीमा पार से होने वाले आतंकवाद के खिलाफ अपने नागरिकों की रक्षा करने का अधिकार रखता है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद में शामिल होने वालों को इसके परिणाम भुगतने होंगे। भारत ने जम्मू-कश्मीर को लेकर OIC की टिप्पणी को भी अनुचित बताया।


देब ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि इस हमले ने आतंकवाद की मानवीय कीमत को फिर सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत दशकों से सीमा पार आतंकवाद का सामना करता रहा है और आतंकवाद के किसी भी रूप को सही नहीं ठहराया जा सकता।


भारत ने संयुक्त राष्ट्र में Comprehensive Convention on International Terrorism (CCIT) को जल्द पूरा करने की मांग भी दोहराई। भारत के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से निपटने के लिए इस व्यापक कानूनी ढांचे को मजबूत करना जरूरी है। देब ने यह भी कहा कि आतंकी संगठन भर्ती, कट्टरपंथ, प्रचार, योजना और फंडिंग के लिए नई तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं।