आज के दौर में नौकरी को लेकर युवाओं की सोच तेजी से बदल रही है। खासकर जेनरेशन Z यानी Gen Z के युवा बेहतर अवसर मिलने पर नौकरी बदलने से पीछे नहीं हटते। उनके लिए सिर्फ अच्छी सैलरी ही नहीं, बल्कि काम और निजी जिंदगी के बीच संतुलन, नई स्किल सीखने का मौका और करियर में आगे बढ़ना भी काफी मायने रखता है।

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Naukri की 2026 Voices@Work रिपोर्ट के मुताबिक, 80 से अधिक इंडस्ट्री में काम करने वाले 23,000 से ज्यादा Gen Z प्रोफेशनल्स के बीच सर्वे किया गया। रिपोर्ट में सामने आया कि एक तिहाई से ज्यादा युवा किसी एक नौकरी में दो से तीन साल से अधिक समय तक नहीं रहना चाहते। इससे पता चलता है कि नई पीढ़ी अपने करियर को लेकर पहले के मुकाबले ज्यादा सक्रिय और अवसरों के प्रति सजग है।

रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 50 प्रतिशत युवाओं के लिए वर्क-लाइफ बैलेंस सबसे अहम प्राथमिकताओं में शामिल है। वहीं, 57 प्रतिशत युवा करियर में आगे बढ़ने का मतलब नई स्किल सीखना मानते हैं। इसके अलावा, 21 प्रतिशत युवाओं के लिए सैलरी में बढ़ोतरी और 12 प्रतिशत के लिए प्रमोशन करियर ग्रोथ का प्रमुख संकेत है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, नौकरी बदलने के पीछे कई वजहें हो सकती हैं। इनमें बेहतर वेतन, काम का दबाव, सीमित अवसर, खराब कार्यस्थल का माहौल और सीखने के कम मौके शामिल हैं। डिजिटल दौर में युवाओं के पास नौकरी और करियर से जुड़ी जानकारी के अधिक विकल्प भी उपलब्ध हैं।

हालांकि, बार-बार नौकरी बदलना हर स्थिति में फायदेमंद नहीं होता। सही फैसला लेने के लिए युवाओं को नई नौकरी की जिम्मेदारियों, स्थिरता और भविष्य की संभावनाओं पर विचार करना चाहिए। वहीं, कंपनियों के लिए भी जरूरी है कि वे कर्मचारियों को बेहतर माहौल, सीखने के अवसर और विकास के स्पष्ट रास्ते उपलब्ध कराएं।