राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार शाम राष्ट्रपति भवन में स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाय परमेलिन और प्रथम महिला कैरोलिन परमेलिन के सम्मान में विशेष भोज का आयोजन किया। इस दौरान मेहमानों को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की पाक परंपराओं से प्रेरित कई पारंपरिक और खास व्यंजन परोसे गए। भोज के मेन्यू में हिमालयी क्षेत्रों की स्थानीय सामग्री और पारंपरिक स्वाद को खास जगह दी गई।
भोजन की शुरुआत लद्दाखी जंगली बिछुआ से बने ‘ज़ा थुक’ सूप से हुई। इसके बाद लद्दाख की लाबो और छुरपी तथा जम्मू की कलारी से तैयार सलाद परोसा गया। इसमें सूखे सेब, अखरोट और जंगली केपर्स का इस्तेमाल किया गया था।
स्टार्टर्स में जम्मू का किम्ब चाट, कश्मीरी नादुर कबाब और लद्दाख का फोरोक नांगका शामिल था। नादुर कबाब कमल की डंठल से तैयार किया गया था और इसे अखरोट की चटनी के साथ परोसा गया।
मुख्य भोजन में कश्मीरी चमन कलिया, हाख, दम ओलाव और त्सोक वांगुन जैसे व्यंजन शामिल थे। चावल के साथ मोरल्स और मसालों से तैयार काना गुच्छ पुलाव परोसा गया। इसके साथ मुज्ज चटनी, शीरमल और कटलम ब्रेड भी थीं।
मिठाई में शुफ्ता, फिरिन और लद्दाखी फेमर परोसा गया। फेमर भुने जौ, गुड़ और मक्खन से तैयार होता है और इसे चूरा चीज के साथ परोसा गया। पेय में कश्मीरी कहवा, लद्दाखी गुड़ गुड़ चाय और वाइल्ड रोज टी शामिल रही।
स्विस राष्ट्रपति गाय परमेलिन 5 से 7 अक्टूबर तक भारत की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर हैं।



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