बिहार में लड़की के कथित अपहरण का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो को बिहार की घटना बताकर शेयर किया गया और इसके साथ राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ने तथा जंगलराज लौटने जैसे दावे किए गए। हालांकि, बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई की जांच में यह वीडियो प्रथम दृष्टया स्क्रिप्टेड पाया गया है।
बिहार पुलिस के मुताबिक, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से सोशल मीडिया पर प्रसारित एक पोस्ट साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई के संज्ञान में आया था। पोस्ट में एक लड़की के अपहरण का वीडियो साझा कर बिहार में कानून-व्यवस्था खराब होने का दावा किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वीडियो मूल रूप से Instagram अकाउंट 'isa007stunt' से पोस्ट किया गया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस अकाउंट का संचालक पश्चिम बंगाल का निवासी है। पुलिस ने बताया कि इस अकाउंट से पहले भी इसी तरह के कई वीडियो और पोस्ट प्रसारित किए गए हैं।
साइबर इकाई के अनुसार, मूल वीडियो को गलत संदर्भ और भ्रामक विवरण के साथ बिहार में लड़की के अपहरण की कथित घटना से जोड़ने की कोशिश की गई। जांच में वीडियो में दिखाई गई अपहरण की घटना की कोई तथ्यात्मक पुष्टि नहीं हुई।
इस मामले में मोतिहारी निवासी मनीष कुमार दास के फेसबुक अकाउंट से भ्रामक समाचार प्रसारित किए जाने को लेकर संबंधित सोशल मीडिया आईडी के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
बिहार पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और खबरों को बिना सत्यापन के शेयर न करें। गलत जानकारी से लोगों में डर और भ्रम फैल सकता है।


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