बिहार में बाढ़ के बीच जल संसाधन विभाग ने लापरवाही के आरोप में बड़ा एक्शन लिया है। विभाग ने सात इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है, जबकि मुजफ्फरपुर के मुख्य अभियंता के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है। यह कार्रवाई बाढ़ के दौरान तटबंधों और जल संसाधन से जुड़े काम में कथित लापरवाही को लेकर की गई है।
राज्य में गंडक नदी का जलस्तर अब तेजी से घट रहा है। सारण के रेवाघाट में नदी का पानी रिकॉर्ड स्तर से 177 सेंटीमीटर नीचे आ गया है। यहां जलस्तर खतरे के निशान से करीब 50 सेंटीमीटर नीचे है। इससे इलाके में बाढ़ का दबाव कम हुआ है और स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।
वहीं वैशाली के लालगंज में गंडक का जलस्तर 130 सेंटीमीटर घट चुका है। इसके बावजूद यहां नदी का पानी अभी खतरे के निशान से 52 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। अधिकारियों के मुताबिक अगले 24 घंटे में जलस्तर और नीचे आने की उम्मीद है।
जल संसाधन विभाग के अनुसार फिलहाल तटबंधों पर पानी का दबाव नहीं है। इसके बावजूद बाढ़ के दौरान निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए इंजीनियरों पर कार्रवाई की गई है। विभागीय कार्रवाई के जरिए जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।



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