ब्रिटेन की राष्ट्रीय हवाई यातायात सेवा नैट्स (NATS) ने बताया है कि इस महीने हुई बड़ी हवाई यात्रा अव्यवस्था के पीछे सॉफ्टवेयर खराबी थी। 8 सितंबर को हुई इस तकनीकी समस्या ने ब्रिटेन के हवाई क्षेत्र के प्रबंधन से जुड़ी प्रणाली को प्रभावित किया, जिससे सिस्टम ने दूषित डेटा तैयार किया।


नैट्स के अनुसार, खराबी एक मिलीसेकंड के अंतराल में हुई। शुरुआत में समस्या की गंभीरता का पता नहीं चल सका। करीब ढाई घंटे बाद स्थिति स्पष्ट हुई, जिसके बाद सुरक्षा बनाए रखने के लिए ब्रिटेन के हवाई क्षेत्र में उड़ानों पर प्रतिबंध लगाए गए।


इस घटना के कारण 2,000 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं और लाखों यात्री प्रभावित हुए। हीथ्रो, गैटविक, ल्यूटन और ग्लासगो सहित कई प्रमुख हवाई अड्डों पर उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। कई यात्री विदेशों में फंस गए और कुछ को एयरपोर्ट पर रात बितानी पड़ी।


नैट्स के मुख्य कार्यकारी मार्टिन रोल्फ ने प्रभावित यात्रियों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आसमान में उड़ान भर रहे लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है और घटना के दौरान सुरक्षा से समझौता नहीं हुआ।


परिवहन सचिव हेइडी अलेक्जेंडर ने घटना को यात्रियों, एयरलाइंस और हवाई अड्डों के लिए “पूरी तरह से अस्वीकार्य” बताया। उन्होंने कहा कि यह पता लगाना जरूरी है कि खराबी का समय रहते पता क्यों नहीं चला।


एयरलाइंस यूके ने नैट्स से व्यवधान के कारण हुए खर्च के लिए मुआवजे और सिस्टम में सुधार की योजना की मांग की है। इस घटना ने ब्रिटेन की हवाई यातायात व्यवस्था की मजबूती को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।