इंडोनेशिया के बोर्नियो द्वीप में एक अनोखा संरक्षण कार्यक्रम वन्यजीवों के शिकार को कम करने की कोशिश कर रहा है। पश्चिम कालिमंतन के नौ गांवों में चल रहे KehatiKu प्रोजेक्ट के तहत ग्रामीणों को जंगली जानवरों का शिकार करने के बजाय उनकी तस्वीरें लेने या आवाज रिकॉर्ड करने के लिए पैसे दिए जाते हैं। इस योजना का संचालन पर्यावरण सलाहकार संस्था Borneo Futures कर रही है।
इस प्रोजेक्ट में आम पक्षी की तस्वीर या रिकॉर्डिंग के लिए करीब 5,000 इंडोनेशियाई रुपिया मिलते हैं, जबकि लुप्तप्राय ओरंगुटान के लिए भुगतान 1,30,000 रुपिया तक पहुंच सकता है। सफल प्रतिभागी एक महीने में करीब 10 मिलियन रुपिया तक कमा सकते हैं। इससे कई ग्रामीणों के लिए वन्यजीवों की निगरानी खेती के साथ अतिरिक्त आय का जरिया बन गई है।
इस योजना का एक बड़ा असर शिकार की आदत पर पड़ा है। प्रोजेक्ट शुरू होने के बाद दो गांवों ने स्वेच्छा से शिकार पर प्रतिबंध लगाया है। ग्रामीण अब समझ रहे हैं कि किसी पक्षी को पकड़कर बेचने के बजाय उसकी कई बार तस्वीर लेकर लंबे समय तक कमाई की जा सकती है।
अब तक इस प्रोजेक्ट में 3.5 लाख से ज्यादा वन्यजीव रिकॉर्ड जमा किए जा चुके हैं। इनमें करीब आधे रिकॉर्ड सत्यापित होने के बाद भुगतान के लिए मंजूर किए गए। तस्वीरों की जांच में मोबाइल ऐप और AI सिस्टम की मदद ली जाती है।
प्रोजेक्ट को करीब 3 लाख डॉलर की फंडिंग मिली है और फिलहाल इसकी फंडिंग 2028 तक सुरक्षित है। हालांकि विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक आर्थिक प्रोत्साहन बनाए रखना इसकी बड़ी चुनौती होगी।