उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कानपुर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई घाट जलमग्न हो गए हैं, जबकि गंगा बैराज के आसपास बसे करीब आठ गांवों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। प्रभावित इलाकों में लोगों को आवाजाही के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।

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कानपुर के शुक्लागंज क्षेत्र में भी गंगा का पानी कई निचले इलाकों तक पहुंचा है। कई घरों और रास्तों पर पानी भरने से स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में नावें लगाई गई हैं, ताकि लोगों को जरूरी काम के लिए आने-जाने में परेशानी न हो।


वहीं राजधानी लखनऊ में गोमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया है। फैजुल्लागंज और बीकेटी के ग्रामीण इलाकों में बाढ़ जैसे हालात हैं। कई रिहायशी इलाकों में पानी घुसने से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की जरूरत पड़ रही है। हनुमंत धाम और नदी किनारे के दूसरे स्थान भी पानी की चपेट में आए हैं।


बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए लखनऊ में 30 नावें और चार राहत शिविर लगाए गए हैं। प्रशासन ने अधिकारियों को मौके पर मौजूद रहने और राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। संवेदनशील इलाकों में बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।