अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की ओर से बड़ी आईटी कंपनियों पर कार्रवाई के बावजूद शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजार में आईटी शेयरों में तेजी देखने को मिली। TCS, इंफोसिस, HCLTech और विप्रो समेत प्रमुख कंपनियों के शेयर हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। अमेरिकी सरकार ने इन कंपनियों सहित कई टेक कंपनियों को ग्रीन कार्ड से जुड़ी परमानेंट लेबर सर्टिफिकेशन (PERM) प्रक्रिया से निलंबित किया है। इसके बावजूद निवेशकों ने आईटी शेयरों में खरीदारी की।

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कारोबार के दौरान इंफोसिस, TCS, HCLTech और विप्रो के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई। आईटी सेक्टर में इस तेजी के पीछे कंपनियों के कारोबारी प्रदर्शन और अमेरिकी कार्रवाई के तत्काल असर को लेकर निवेशकों की प्रतिक्रिया अहम रही। बाजार में आईटी शेयरों की खरीदारी से सेक्टर में सकारात्मक रुझान देखने को मिला।

TCS ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 13,884 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि के 12,075 करोड़ रुपये से करीब 15 प्रतिशत अधिक है। कंपनी का रेवेन्यू भी 11.2 प्रतिशत बढ़कर 73,188 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी ने यह भी कहा है कि PERM कार्यक्रम से जुड़ी कार्रवाई का उसकी अमेरिकी भर्ती रणनीति पर खास असर पड़ने की आशंका नहीं है। TCS अगले पांच वर्षों में अमेरिका में 15,000 लोगों को नौकरी देने की योजना पर काम कर रही है।

PERM प्रक्रिया अमेरिका में रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड हासिल करने का एक अहम चरण है। इस पर रोक से संबंधित विदेशी कर्मचारियों के स्थायी निवास के आवेदन प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी मौजूदा वर्क वीजा अपने आप रद्द हो गए हैं या कंपनियों का अमेरिकी कारोबार बंद हो जाएगा।

आईटी शेयरों में तेजी के बावजूद अमेरिकी नीतियों में बदलाव, वैश्विक मांग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी चुनौतियां आगे भी इस सेक्टर के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती हैं।