पाकिस्तान सरकार ने सिख श्रद्धालुओं के लिए एक अहम घोषणा की है। लाहौर में स्थित गुरुद्वारा जन्मस्थान गुरु रामदास जी का विस्तार किया जाएगा। इस फैसले का उद्देश्य गुरुद्वारे में आने वाले श्रद्धालुओं को धार्मिक गतिविधियों के लिए अधिक जगह और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। यह घोषणा 9 अक्टूबर 2026 को गुरु रामदास जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर आयोजित समारोह में की गई।
पाकिस्तान के इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) के सचिव नासिर मुश्ताक ने बताया कि गुरुद्वारे से लगी करीब 13 मरला यानी 272 वर्ग मीटर व्यावसायिक जमीन को परिसर में शामिल किया जाएगा। इससे गुरुद्वारे का क्षेत्र बढ़ेगा और श्रद्धालुओं को पूजा-पाठ तथा अन्य धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान सुविधा मिलेगी।
गुरुद्वारा जन्मस्थान गुरु रामदास जी लाहौर के चुना मंडी इलाके में स्थित है। यह स्थान सिख समुदाय के लिए विशेष धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखता है, क्योंकि सिख धर्म के चौथे गुरु, गुरु रामदास जी का जन्म 1534 में लाहौर में हुआ था। गुरु रामदास जी ने प्रेम, सेवा, समानता और भाईचारे की शिक्षाओं पर जोर दिया था।
प्रकाश पर्व के समारोह में पाकिस्तान के साथ-साथ ब्रिटेन, अमेरिका और कनाडा से आए सिख श्रद्धालुओं ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान गुरु रामदास जी की शिक्षाओं और मानवता की सेवा के संदेश को याद किया गया।
पाकिस्तान में सिख धार्मिक स्थलों की देखरेख इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड करता है। गुरुद्वारे के विस्तार की यह घोषणा श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे भविष्य में धार्मिक आयोजनों के दौरान उपलब्ध जगह बढ़ने और श्रद्धालुओं को सहूलियत मिलने की उम्मीद है।



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