रूस ने सोमवार को मॉस्को में अफगानिस्तान को लेकर एक अहम क्षेत्रीय बैठक की मेजबानी की। यह मॉस्को फॉर्मेट की आठवीं बैठक थी, जिसमें अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के विदेश मंत्री अमीर खान मुत्तकी के साथ भारत, पाकिस्तान, चीन, ईरान और कई मध्य एशियाई देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में अफगानिस्तान की सुरक्षा, आतंकवाद, ड्रग्स और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

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रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बैठक में तालिबान सरकार के साथ रूस के सहयोग का जिक्र किया। उन्होंने आतंकवादी संगठनों और ड्रग तस्करी के खिलाफ तालिबान की कार्रवाई की सराहना की। रूस ने यह भी दोहराया कि अफगानिस्तान और उसके आसपास किसी भी NATO सैन्य ढांचे की मौजूदगी को वह स्वीकार नहीं करेगा। मॉस्को ने अफगानिस्तान को मानवीय सहायता जारी रखने की बात भी कही।


बैठक के दौरान अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव का मुद्दा भी अहम रहा। दोनों देशों के बीच सीमा पार हिंसा और सैन्य कार्रवाई को लेकर लंबे समय से तनाव जारी है। रूस के अफगानिस्तान मामलों के विशेष दूत जमीर काबुलोव ने कहा कि अगर दोनों पक्ष अनुरोध करते हैं तो मॉस्को तनाव कम कराने में मदद के लिए तैयार है।


तालिबान के विदेश मंत्री मुत्तकी ने भी पाकिस्तान के साथ विवाद को बातचीत और कूटनीति के जरिए सुलझाने की बात कही। ऐसे में मॉस्को बैठक को अफगानिस्तान और उसके पड़ोसी देशों के बीच संवाद बढ़ाने के एक अहम मंच के तौर पर देखा जा रहा है।