होर्मुज स्ट्रेट को लेकर ईरान और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल इस जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर ईरान के नियंत्रण के दावों के बीच 60 देशों ने टोल और फीस लगाने के खिलाफ एक साझा घोषणा का समर्थन किया है। यूरोपीय संघ की ओर से घोषित इस पहल का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर जहाजों की आवाजाही की स्वतंत्रता बनाए रखना है।
इस घोषणा में शामिल देशों ने अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए इस्तेमाल होने वाले समुद्री मार्गों पर गैरकानूनी फीस, टोल और भेदभावपूर्ण प्रतिबंध लगाने का विरोध किया है। उनका मानना है कि समुद्री मार्गों से गुजरने वाले जहाजों पर ऐसी शर्तें लगाने से अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित हो सकता है। हालांकि, इस घोषणा का समर्थन अपने आप ईरान पर किसी नए प्रतिबंध या तत्काल कार्रवाई के बराबर नहीं है।
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से यह बेहद महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता है। दुनिया के कई देशों तक कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। ऐसे में यहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों, व्यापार और सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है।
ईरान इस समुद्री मार्ग पर अपनी भूमिका और नियंत्रण का दावा करता रहा है। दूसरी ओर, कई देश अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत समुद्री मार्गों से जहाजों की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही बनाए रखने पर जोर दे रहे हैं।
60 देशों के समर्थन से टोल लगाने के मुद्दे पर ईरान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, ईरान इस घोषणा पर क्या प्रतिक्रिया देता है और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर आगे क्या कदम उठाता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।



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